निर्देश ( प्रं. सं. 309-315 ): निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नो के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। (CTET July 2024)
जीवन में रौनक तब है, जब वह बड़े सहज और सरल तरीके से बिना किसी प्रपंच के जिया जाए। जीवन जैसा निश्छल, निष्कपट है, वैसा ही जिया जाए तो जीना वरदान बन जाता है। जीवन जैसा मिला है उसको हम वैसा ही जीते हैं, तो यह जीवन का सम्मान होता है। अधिकतर हम जैसा जीवन है, उसे छोड़ दिखावे का जीवन जीने लगते है। यह दिखावे का जीवन हमें बाहर तो अपने को कुछ बडा दिखाने में मदद करता है, लेकिन भीतर से खोखला भी करता चलता है। क्योंकि आडंबर से भरा जीवन अहंकार पर आधारित होता है और अहंकार हमारी जीवंतता को खा जाता है। अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं जबकि जीवन कहीं भीतर बह रहा होता है।
309. समूह से भिन्न शब्द है _
(a) अहंकार
(b) असहज
(c) अधर्म
(d) आडंबर
Answer: (b) असहज
310. जीवन का सम्मान कैसे किया जा सकता है?
(a) उच्च शिक्षा ग्रहण कर
(b) जिस रूप में जीवन मिला है, उसे उसी रूप में जीकर
(c) जीवन में मिली सब बाधाओं को समाप्त कर
(d) जीवन में सुविधाएँ जुटाकर
Answer: (b) जिस रूप में जीवन मिला है, उसे उसी रूप में जीकर
311. ‘प्रपंच’ से तात्पर्य है _________
(a) आडंबर
(b) पाँच पंच
(c) पाँच वायु
(d) पाँच प्रकार
Answer: (a) आडंबर
312. निम्न में विशेषण है ____________
(a) सम्मान
(b) वरदान
(c) जीवंतता
(d) जीवंत
Answer: (d) जीवंत
313. गद्यांश के अनुसार ‘अहंकार में हम केवल बाहर की तरफ देखकर जीते हैं।’ वाक्य का आशय है कि ___________
(a) अहंकार हमें दिखावटी जीवन व्यतीत करने की ओर ले जाता है।
(b) अहंकार हमें निश्छल जीवन व्यतीत करने की ओर ले जाता है।
(c) अहंकार हमें सर्वस्व प्राप्त करने की ओर ले जाता है।
(d) अहंकार हमें दूर तक देखने की शक्ति प्रदान करता है।
Answer: (a) अहंकार हमें दिखावटी जीवन व्यतीत करने की ओर ले जाता है।
314. ‘आधारित’ में प्रत्यय है _______________
(a) रित
(b) धारित
(c) इत
(d) त
Answer: (c) इत
315. जीवन में खुशी आती है ______________
(a) भौतिक वस्तुओं से
(b) कपटता से
(c) आडंबरता से
(d) सरलता से
Answer: (d) सरलता से

